भारत में ग्रामीण विकास

अधिकांश भारत गाँवों में बसता है। देश की कुल आबादी का लगभग 70 प्रतिशत भाग दूर तक फैले गाँवों में रहता है। उसके साथ ही यह भी सत्य है कि देश कृषि प्रधान देश है। अतः भारतीय अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि पर आधारित है। अत: कृषि कार्य में अधिक लागत व कम आय के कारण गाँवों का विकास अधिक नहीं हो पाया है।
समूचे भारत की आर्थिक व सामाजिक प्रगति के लिए ग्रामीण क्षेत्रों की गरीबी को नियंत्रित कर समाप्त करना अनिवार्य है। गरीबी उन्मूलन के अनेक प्रयास किये जाने के बाद भी अधिकांश लोग गरीबी में जन्म लेते और दम तोड़ देते हैं। कहा भी जाता है कि गरीबी से बड़ा कोई अभिशाप नहीं है। अब तक गरीबी मिटाने के नाम पर जो भी कार्य किए गये हैं उनका लाभ, गाँवों को अपने जीवन-स्तर सुधारने, लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने तथा अपनी क्षमताओं का भरपूर उपयोग करने का अवसर नहीं मिल सका।

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